नेपाल/भारत: नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में पुलिस फायरिंग में दो युवकों की मौत के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। नेपाल सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच गुरुवार देर रात 7 सूत्रीय समझौता हुआ, जिससे लंबे समय से चल रहा विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है।
यह समझौता सरकार की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुङ और मृतक ओमप्रकाश मेहता व जयप्रकाश मेहता के परिजनों के बीच संपन्न हुआ। देवानगंज गाउँपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, समझौते पर गृह मंत्री के साथ मृतकों के पिता कृष्णदेव मेहता और नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि सुनसरी जिले के कप्तानगंज में हुई पुलिस फायरिंग के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।
समझौते के तहत नेपाल सरकार ने दोनों मृतकों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही, दोनों परिवारों को प्रत्येक 10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा, सरकार ने घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। समझौते में यह भी शामिल है कि देवानगंज स्थित मदरसे की कानूनी स्थिति की तुरंत जांच शुरू की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के तहत सजा दी जाएगी।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि दोनों शोकाकुल परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, जांच समिति की रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करने पर सहमति बनी है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत स्थानीय प्रशासन के समन्वय से मृतकों की स्मृति में एक स्मारक पार्क का निर्माण भी किया जाएगा।
समझौते के बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस समझौते के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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