भोजपुर: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को पद से हटाकर पटना मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई है जब मामले की न्यायिक जांच चल रही है और मृतक के परिवार की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इसके बाद सरकार ने मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी। हालांकि, एसडीएम को हटाने के पीछे सरकार की ओर से विस्तृत कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग घटना से जुड़े पक्षों और गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है।
मृतक भरत भूषण तिवारी के माता-पिता ने भी आयोग के सामने अपना पक्ष रखा है। परिवार ने घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें कथित फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई जांच, स्वतंत्र निगरानी में जांच और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीधे हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को पहले पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा मुद्दा बन चुका है। एसडीएम को मुख्यालय अटैच किए जाने के बाद अब सबकी नजर न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर है।
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