पटना: बिहार की राजधानी पटना में रविवार को कबड्डी का राष्ट्रीय महाकुंभ शुरू हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में आयोजित 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी चैंपियनशिप-2026 का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। 1 से 4 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों से खिलाड़ी, खेल अधिकारी और अतिथि पहुंचे हैं। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का परिचय जाना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती पर राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का आयोजन राज्य के लिए गौरव का विषय है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए सभी खिलाड़ियों का बिहार में हार्दिक स्वागत है।

खेल से विकसित होती है अनुशासन और नेतृत्व की भावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और देशभर में पहचान बनाने का अवसर देती हैं। कबड्डी भारत की पारंपरिक और लोकप्रिय खेल विधाओं में से एक है। ऐसे में प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ी पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी कबड्डी समेत विभिन्न खेलों में बड़ी संख्या में पदक हासिल करते हैं। बिहार के खिलाड़ियों को भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक पदक जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए।
20 नए खेल कॉम्प्लेक्स से बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य में 20 नए खेल कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। इनसे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल अवसंरचना के विकास से बिहार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। बिहार बदल रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

बिहार की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होंगे दूसरे राज्यों के खिलाड़ी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया कि प्रतियोगिता में भाग लेने आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने आई सभी टीमें बिहार की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे यहां से बिहार की सकारात्मक छवि और यहां के आतिथ्य का अनुभव लेकर अपने राज्यों में लौटें। मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती लगभग दो हजार वर्ष पूर्व भी गौरवशाली रही है। बिहार की ऐतिहासिक विरासत और गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने की बात भी कही।
कबड्डी की हस्तियों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कबड्डी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और उपलब्धियों के लिए बलवान सिंह तथा कॉमनवेल्थ पदक विजेता अर्जुन देशवाल को सम्मानित किया। बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री को सम्मान स्वरूप गदा भी भेंट की गई।
बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन सह आयोजन समिति के सचिव कुमार विजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने देश के 29 राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों, अधिकारियों और अतिथियों का स्वागत किया।

कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में हरियाणा सरकार के मंत्री किशन लाल पंवार और बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, खेल पदाधिकारी, प्रशिक्षक और विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की। अब 4 नवंबर तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में जूनियर बालक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
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