बगहा: नेपाल स्थित पवित्र वाल्मीकि आश्रम से दर्शन-पूजन कर लौट रहे 11 श्रद्धालुओं की जान उस वक्त आफत में फंस गई, जब वे उफनती तमसा नदी को पार करने के दौरान तेज बहाव में फंस गए। चारों तरफ पानी की तेज धार और सामने मौत का खतरा था, लेकिन सहोदरा क्षेत्र के कुछ युवाओं ने साहस दिखाते हुए मानवता की मिसाल पेश की और सभी श्रद्धालुओं की जान बचा ली।
लगातार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के पनियारा क्षेत्र से आए 11 श्रद्धालुओं का दल नेपाल स्थित वाल्मीकि आश्रम से पूजा-अर्चना कर वापस लौट रहा था। नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव आया और श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते सभी बीच धारा में फंस गए।
चीख-पुकार सुन नदी में कूदे युवा
नदी के बीच फंसे श्रद्धालुओं ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी चीख-पुकार सुनकर वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे सहोदरा क्षेत्र के आधा दर्जन युवाओं ने बिना देर किए बड़ा जोखिम उठाया।
युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर मानव श्रृंखला बनाई और धीरे-धीरे सभी श्रद्धालुओं को तेज बहाव से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
तीन बच्चे और पांच महिलाएं भी थीं शामिल
बचाए गए श्रद्धालुओं में तीन पुरुष, पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। श्रद्धालुओं ने युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सहोदरा के युवाओं की बहादुरी की हो रही चर्चा
घटना के बाद पूरे इलाके में सहोदरा के युवाओं की बहादुरी की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जिस तरह युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर 11 लोगों को बचाया, वह साहस और इंसानियत की बड़ी मिसाल है।
बारिश के बीच नदी पार करने से बचने की अपील
लगातार बारिश के कारण तमसा नदी समेत क्षेत्र की कई नदियां उफान पर हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान नदी पार करने का जोखिम न उठाएं और सावधानी बरतें।
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