मधेपुरा: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा एक्शन लिया है। मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को पद के दुरुपयोग और निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम से कथित धन उगाही के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। मंत्री की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच तथा लाइसेंस से जुड़े मामलों में कथित तौर पर पैसे की मांग की। इसी दौरान उनका रुपये लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। टीम ने वायरल वीडियो समेत पूरे मामले की जांच की। जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई, जिसे स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा किया गया।
रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कार्रवाई करते हुए डॉ. विजय कुमार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग निर्धारित किया गया है। वहीं, डॉ. विपिन गुप्ता को मधेपुरा के सिविल सर्जन का प्रभार सौंपा गया है।
सहरसा मामले में भी विभाग सख्त
इधर, सहरसा सदर अस्पताल से जुड़े मामले में भी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। दोनों अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इन कार्रवाइयों के बाद बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के बीच विभाग के सख्त रुख को लेकर चर्चा तेज है।
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