शेखपुरा: मंडल कारा शेखपुरा में बंदियों के पुनर्वास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। रविवार, 22 मार्च 2026 को केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) शेखपुरा के द्वारा 35 बंदियों के लिए 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जेल अधीक्षक लालबाबू सिंह एवं आरसेटी के वरीय संकाय रघुवीर कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जेल प्रशासन और प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारियों की उपस्थिति में बंदियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया गया।
जेल अधीक्षक लालबाबू सिंह ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और इसे अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद बंदी इस कौशल के आधार पर छोटे स्तर से मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे इसे बड़े व्यवसाय में बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि पूंजी की आवश्यकता होगी, तो आरसेटी के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं आरसेटी के वरीय संकाय रघुवीर कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ उद्यमिता के गुण भी सिखाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल आजीविका का साधन बनेगा, बल्कि बंदियों को एक सफल उद्यमी बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन करेगा।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक चितरंजन कुमार, बड़ा बाबू तथा मंडल कारा के अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में पुनः स्थापित होने के लिए उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
यह पहल न केवल बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है, बल्कि समाज में पुनर्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश करती है।
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