20
BREAKING NEWS
Jharkhand: हूल दिवस पर सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि, सीएम हेमन्त सोरेन बोले— क्रांति कभी बुझती नहीं!Bihar: नालंदा में गरजे आनंद मोहन: “नीतीश मेरे नेता नहीं, बड़े भाई हैं” — सत्ता परिवर्तन पर उठाए तीखे सवाल!Jharkhand: जमशेदपुर में पुलिस के सामने चाकूबाजी, युवक की मौत के बाद बवाल, 3 पुलिसकर्मी निलंबित!Bihar: खान सर को आज नहीं मिली जमानत, सुनवाई 3 जुलाई तक टली!Bihar: हर बड़े पेपर लीक में एक ही नाम क्यों आता है? समस्तीपुर का ये कनेक्शन आपको चौंका देगा!Bihar: हेलमेट भूल गए? तो जेब ढीली तय है… शेखपुरा में चला बड़ा अभियान!Bihar: हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शेखपुरा… बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना हुआ पहला जत्था!Jharkhand: इलाज छोड़ झाड़-फूंक पड़ा भारी? राख खाने से पलामू में 10 दिन में 5 मौतों से हड़कंप!Jharkhand News : शिक्षक सरकार की आंख, कान और हाथ हैं – CM हेमंत सोरेन ने 1,042 को सौंपे नियुक्ति पत्र!Bihar News : बिहार गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है – नालंदा हत्याकांड पर पप्पू यादव का बड़ा बयान!UP News : पत्रकार एक हों, तभी आवाज़ बुलंद होगी – मेंहदावल में IJA बैठक में बड़ा संदेश!Jharkhand News : सांप के डसने से मौत, फिर भी 12 घंटे ‘चमत्कार’ का इंतजार, हजारीबाग में अंधविश्वास का दर्दनाक सच!Bihar News : राबड़ी देवी ने फिर मांगी बंगले की सामान लिस्ट, 5 जुलाई तक मोहलत की मांग!Bihar News : रिशुश्री टेंडर मामला: RJD सांसद सुधाकर सिंह के गंभीर आरोप, IAS आनंद किशोर समेत 9 अधिकारियों पर सवाल; कोर्ट निगरानी में जांच की मांग!Bihar News : जर्जर थाना, खतरे में पुलिसकर्मी...सांप-बिच्छू के बीच ड्यूटी करने को मजबूर!
No menu items available
BREAKING
Jharkhand: हूल दिवस पर सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि, सीएम हेमन्त सोरेन बोले— क्रांति कभी बुझती नहीं!Bihar: नालंदा में गरजे आनंद मोहन: “नीतीश मेरे नेता नहीं, बड़े भाई हैं” — सत्ता परिवर्तन पर उठाए तीखे सवाल!Jharkhand: जमशेदपुर में पुलिस के सामने चाकूबाजी, युवक की मौत के बाद बवाल, 3 पुलिसकर्मी निलंबित!Bihar: खान सर को आज नहीं मिली जमानत, सुनवाई 3 जुलाई तक टली!Bihar: हर बड़े पेपर लीक में एक ही नाम क्यों आता है? समस्तीपुर का ये कनेक्शन आपको चौंका देगा!Bihar: हेलमेट भूल गए? तो जेब ढीली तय है… शेखपुरा में चला बड़ा अभियान!Bihar: हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शेखपुरा… बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना हुआ पहला जत्था!Jharkhand: इलाज छोड़ झाड़-फूंक पड़ा भारी? राख खाने से पलामू में 10 दिन में 5 मौतों से हड़कंप!Jharkhand News : शिक्षक सरकार की आंख, कान और हाथ हैं – CM हेमंत सोरेन ने 1,042 को सौंपे नियुक्ति पत्र!Bihar News : बिहार गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है – नालंदा हत्याकांड पर पप्पू यादव का बड़ा बयान!UP News : पत्रकार एक हों, तभी आवाज़ बुलंद होगी – मेंहदावल में IJA बैठक में बड़ा संदेश!Jharkhand News : सांप के डसने से मौत, फिर भी 12 घंटे ‘चमत्कार’ का इंतजार, हजारीबाग में अंधविश्वास का दर्दनाक सच!

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

Jharkhand: हूल दिवस पर सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि, सीएम हेमन्त सोरेन बोले— क्रांति कभी बुझती नहीं!
40 minutes ago
Bihar: नालंदा में गरजे आनंद मोहन: “नीतीश मेरे नेता नहीं, बड़े भाई हैं” — सत्ता परिवर्तन पर उठाए तीखे सवाल!
2 hours ago
Jharkhand: जमशेदपुर में पुलिस के सामने चाकूबाजी, युवक की मौत के बाद बवाल, 3 पुलिसकर्मी निलंबित!
2 hours ago
Bihar: खान सर को आज नहीं मिली जमानत, सुनवाई 3 जुलाई तक टली!
2 hours ago
Bihar: हर बड़े पेपर लीक में एक ही नाम क्यों आता है? समस्तीपुर का ये कनेक्शन आपको चौंका देगा!
2 hours ago

Bihar News : आश्रम बंद, बुजुर्ग बेघर: सिस्टम की बेरुखी ने छीन लिया सहारा!

शेखपुरा: एक छत… जहां उम्र के आखिरी पड़ाव पर सहारा मिलता था। एक परिवार… जहां खून का रिश्ता नहीं, लेकिन...

शेखपुरा: एक छत… जहां उम्र के आखिरी पड़ाव पर सहारा मिलता था। एक परिवार… जहां खून का रिश्ता नहीं, लेकिन अपनापन था। लेकिन अब वो सब सिर्फ याद बनकर रह गया है। आश्रम के बंद होते ही वहां रह रहे बुजुर्गों की जिंदगी अचानक अनिश्चितता में धकेल दी गई है।

सबसे बड़ा सवाल यही है—अब इन बुजुर्गों का क्या होगा? जिनके अपने उन्हें छोड़ चुके थे, उन्हें इस आश्रम ने सहारा दिया था। अब आश्रम बंद होने के बाद कई बुजुर्ग फिर से बेसहारा हो गए हैं। कुछ को जल्दबाजी में दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही जा रही है, लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्हें अब तक कोई ठिकाना नहीं मिला।

एक बुजुर्ग की आंखों में आंसू थे। उन्होंने धीमी आवाज में कहा, “यहां हमें अपना घर मिल गया था… अब फिर से कहां जाएं?”

वहीं, इस आश्रम से जुड़े स्टाफ की पीड़ा भी कम नहीं है। सालों से सेवा कर रहे कर्मचारियों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक कर्मचारी ने बताया, “हमने इन्हें अपने मां-बाप की तरह सेवा दी… अब नौकरी भी चली गई और ये लोग भी बिछड़ गए।”

किसी ने बच्चों की फीस का जिक्र किया, तो किसी ने घर का किराया भरने की चिंता जताई। साफ है कि इस फैसले ने सिर्फ बुजुर्गों ही नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी हिला दी है।

अब सबसे अहम सवाल—आखिर आश्रम बंद क्यों हुआ? क्या दान (डोनेशन) की कमी ने इसे बंद कराया या फिर सरकार की नीतियों ने इसे मजबूर कर दिया? अगर आर्थिक संकट था, तो समय रहते मदद क्यों नहीं दी गई?

सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। समाज कल्याण विभाग आखिर कहां था जब यह आश्रम संकट में था? क्या कोई वैकल्पिक व्यवस्था पहले से नहीं की जानी चाहिए थी?

लोग पूछ रहे हैं—क्या हमारे सिस्टम में बुजुर्गों की कोई कीमत नहीं है? चुनाव के वक्त वादे होते हैं, योजनाएं गिनाई जाती हैं, लेकिन जब सच में सहारे की जरूरत होती है, तो व्यवस्था क्यों गायब हो जाती है?

यह सिर्फ एक आश्रम के बंद होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संवेदनहीन सिस्टम की तस्वीर है, जहां बुजुर्गों की जिंदगी फाइलों में सिमटकर रह जाती है।

अब देखना होगा कि सरकार जागती है या फिर ये बुजुर्ग यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिए जाएंगे।

ये खबर भी पढ़े: Bihar News : नए अध्यक्ष की एंट्री से कांग्रेस में जोश हाई, आनंदी यादव के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब!

चंदन कुमार

Author at mahuaanews.com
Scroll to Top