लखीसराय: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर राजनीतिक हलचल की चर्चाओं के बीच सोमवार को लखीसराय के टाउन हॉल में आयोजित ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय झा की मौजूदगी में क्षेत्रीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए। टाउन हॉल में ‘ललन बाबू जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी में कोई खींचतान नहीं है और हम सभी एक हैं।
जिला जनता दल यूनाइटेड की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बिहार का हक, बिहार की बात’ के तहत फरक्का जल संधि रहा। परिचर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामानुज सिंह ने की, जबकि स्वागत भाषण सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल ने दिया। नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान ने संजय झा और उमेश कुशवाहा को बुके एवं चादर भेंट कर सम्मानित किया।
फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर संजय झा ने उठाए सवाल
परिचर्चा को संबोधित करते हुए संजय झा ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर ‘नीतीश संवाद’ के माध्यम से बिहार के लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रही है। फरक्का जल संधि को बिहार के जल हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में फरक्का बैराज बनाया गया था। गंगा नदी के पानी के बंटवारे को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1996 में अंतरराष्ट्रीय समझौता हुआ था, जिसे गंगा जल बंटवारा संधि कहा जाता है।
संजय झा ने बताया कि इस समझौते की 30 साल की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। उनके मुताबिक, मौजूदा संधि बिहार के हितों और भविष्य की जल जरूरतों को पर्याप्त रूप से ध्यान में नहीं रखती। उन्होंने कहा कि इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। यदि नया समझौता किया जाता है तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाना चाहिए।
‘बिहार की जल जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’
संजय झा ने कहा कि गंगा के पानी के बंटवारे से जुड़े किसी भी फैसले में बिहार के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। राज्य की कृषि, पेयजल और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही आगे की नीति तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के कारण फरक्का जल संधि का मुद्दा अब राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन चुका है।

उमेश कुशवाहा बोले- पार्टी में कोई खींचतान नहीं, हम सब एक हैं
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने संगठन की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय और एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी में किसी तरह की खींचतान नहीं है। हम सब एक हैं और संगठन के सभी लोग मिलकर काम कर रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव के बाद JDU के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।
कार्यक्रम में सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल सहित पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी फरक्का जल संधि तथा बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह के समर्थन में लगे नारों ने भी राजनीतिक चर्चा को नई दिशा दी। हालांकि, नारों को पार्टी के भीतर किसी गुटबाजी या खींचतान का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
