पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में किए गए “दिमागी नक्सली” वाले उल्लेख पर बिहार की राजनीति में प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए कहा कि आखिर दिमागी नक्सली कौन है, इसका जवाब प्रधानमंत्री मोदी ही बेहतर दे सकते हैं।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री देशभर में घूमते हैं और लोगों की सोच को लेकर बातें करते हैं, इसलिए वही बता सकते हैं कि कौन व्यक्ति दिमागी तौर पर नक्सली है और कौन नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संभव है ऐसे लोग भाजपा के अंदर भी मौजूद हों।
तेज प्रताप यादव ने कहा, “यह तो मोदी जी ही बताएंगे कि कौन दिमागी तौर पर नक्सली है या पागल है। हो सकता है कि जिन लोगों की बात हो रही है, उनमें से कई उनकी अपनी पार्टी में ही हों।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते। उनका कहना था कि आज का दिन देश की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद करने का दिन है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है।
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने पटना स्थित अपने पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प लेने का यह अवसर है।
प्रधानमंत्री के बयान और तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया के बाद “दिमागी नक्सली” शब्द को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की ओर से और भी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
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