रांची: राजधानी रांची के दो बड़े रियल एस्टेट कारोबारियों पर आयकर विभाग की तीन दिनों तक चली कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा द्वारा किए गए सर्वे में पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह से करीब 200 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चलने की बात सामने आई है।
आयकर विभाग ने शहर में दोनों समूहों से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं और ठिकानों पर सर्वे अभियान चलाया था। इनमें महिला महाविद्यालय के सामने स्थित पानस 99 परियोजना, दयानंद मोदी की रोजवुड अपार्टमेंट परियोजना (लालपुर-कोकर रोड) और मोदी हाइट्स (रातू रोड) समेत अन्य स्थान शामिल थे।
जांच के दौरान विभाग को जमीन मालिकों और बिल्डरों के बीच हुए लेन-देन में कई अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग को आशंका है कि ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) के जरिए बड़ी मात्रा में आय छिपाई गई और टैक्स से बचने का प्रयास किया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में करीब 80 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी सामने आने की बात कही जा रही है। अब विभाग इस राशि की वसूली और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
फ्लैट खरीदारों पर भी हो सकती है जांच
आयकर विभाग अब उन लोगों की जानकारी जुटा रहा है, जिन्होंने इन परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने के दौरान कथित तौर पर नकद भुगतान किया था। विभाग नकद लेन-देन की पूरी कड़ी यानी मनी ट्रेल की जांच कर रहा है।
जांच के दायरे में आने वाले खरीदारों से उनकी आय के स्रोत और भुगतान के तरीके को लेकर पूछताछ की जा सकती है। यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो आगे कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
मनी ट्रेल खंगाल रहा विभाग
आयकर विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कथित रूप से छिपाई गई रकम कहां और किस तरह इस्तेमाल की गई। जांच एजेंसियां बैंक खातों, संपत्ति निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े इस बड़े मामले के बाद राजधानी के बिल्डर और प्रॉपर्टी कारोबारियों में भी हलचल तेज हो गई है। अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर तय होगी।
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