पटना: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज है। मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना के बीच संभावित उम्मीदवारों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुखिया का चुनाव लड़ने से पहले उम्मीदवारों को निर्धारित कानूनी पात्रता और अयोग्यता के नियमों को समझना जरूरी है।
21 साल की उम्र जरूरी
मुखिया पद के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। 21 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति पंचायत चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकता।
मतदाता सूची में नाम होना जरूरी
उम्मीदवार का नाम संबंधित पंचायत की मतदाता सूची में होना आवश्यक है। साथ ही उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना भी जरूरी है।
सरकारी नौकरी वालों के लिए नियम
सरकारी कर्मचारी तथा पंचायत के अधीन लाभ का पद रखने वाले व्यक्ति के लिए चुनाव लड़ने पर अयोग्यता लागू हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित पद और लागू चुनावी नियमों की जांच जरूरी होती है।
आपराधिक मामले में भी लग सकती है रोक
किसी गंभीर अपराध में कानून के तहत दोषसिद्धि और निर्धारित सजा होने पर उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो सकता है। अयोग्यता की अवधि और स्थिति संबंधित कानून पर निर्भर करती है।
आरक्षित सीट के लिए अलग पात्रता
अगर मुखिया की सीट किसी आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित होती है तो उम्मीदवार को उस वर्ग से संबंधित पात्रता पूरी करनी होगी। इसके लिए नामांकन के समय आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
यानी मुखिया का चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ जनसमर्थन और चुनाव लड़ने की इच्छा काफी नहीं है। उम्र, मतदाता सूची, नागरिकता, पद और कानूनी स्थिति समेत कई शर्तें पूरी करना जरूरी है।
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