रामगढ़: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को रामगढ़ जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। जिला प्रशासन द्वारा ब्लॉक ‘ए’ में आयोजित कार्यक्रम में हूल क्रांति के अमर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में उपायुक्त श्री ऋतुराज एवं पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश कुमार लुनायत सहित अन्य अधिकारियों ने सिदो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, फूलो मुर्मू, झानो मुर्मू, चांद मुर्मू और भैरव मुर्मू के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू सहित हूल आंदोलन के सभी वीर सेनानियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि इन वीरों का त्याग, साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा। हूल दिवस हमें उनके संघर्षों को याद करने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का अवसर देता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने हूल क्रांति के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान गंभीर और सम्मानपूर्ण वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर समाहरणालय के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में हूल क्रांति के वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
रामगढ़ में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि यह नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और वीर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश भी दे गया। हूल दिवस ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए किए गए बलिदान कभी भुलाए नहीं जा सकते।
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