पटना: पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने कथित रिशुश्री टेंडर मामले को लेकर बिहार सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर समेत 9 अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा विभाग से ही घोटालों की शुरुआत हुई और यह सिलसिला लंबे समय से जारी है। उनका कहना है कि पिछले करीब 10 वर्षों में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि “बिहार में पहले टॉपर घोटाला हुआ था और अब फिर उसी तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,” जिससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधाकर सिंह ने आईएएस आनंद किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पूरे मामले का मुख्य जिम्मेदार बताया। उन्होंने दावा किया कि कथित रिशुश्री को पहला टेंडर भी आनंद किशोर के कार्यकाल में ही दिया गया था।
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार पर भी आरोप लगाया कि उनके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि कुल 9 आईएएस अधिकारी इस मामले में संलिप्त हो सकते हैं और सभी की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
RJD सांसद ने मांग की कि जिस प्रकार चारा घोटाले की जांच न्यायिक निगरानी में कराई गई थी, उसी तर्ज पर इस मामले की भी कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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