गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के विशम्भरपुर थाना क्षेत्र में मिले सिरकटा शव मामले का पुलिस ने महज 15 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का कटा हुआ सिर और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।
बताया जाता है कि 12 जून 2026 को विशम्भरपुर थाना क्षेत्र के दियर विजयपुर स्थित एक गन्ने के खेत से एक अज्ञात व्यक्ति का सिर कटा शव बरामद हुआ था। शव की हालत देख स्पष्ट था कि हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई है। शुरुआत में मृतक की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
जांच के दौरान घटनास्थल से मिले कपड़ों और पास में लावारिस हालत में खड़ी मोटरसाइकिल के आधार पर मृतक की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी मोहम्मद मुस्तफा के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से छानबीन शुरू की।
पुलिस अनुसंधान में यह सामने आया कि मृतक के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे और वह उन्हें बहला-फुसलाकर शोषण करता था। इसी दौरान एक नाबालिग लड़की से जुड़े मामले ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दिया। जांच में खुलासा हुआ कि मुस्तफा ने नाबालिग लड़की के पिता और उसके होने वाले पति की हत्या के लिए अपने दोस्त लालबाबू यादव के जरिए तीन शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।
हालांकि, इस साजिश में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब शूटरों ने योजना बदल दी। पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने दो निर्दोष लोगों की हत्या करने के बजाय खुद सुपारी देने वाले मुस्तफा को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
घटना के दिन लालबाबू यादव मुस्तफा को बहाने से दियर विजयपुर ले गया, जहां पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी और सिर धड़ से अलग कर दिया। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से धड़ को गन्ने के खेत में फेंक दिया गया, जबकि सिर और हथियार को दूसरी जगह छिपा दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का कटा हुआ सिर और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। बरामद साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि यह मामला तकनीकी रूप से बेहद जटिल था, क्योंकि शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी। लेकिन SIT ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर महज 15 दिनों में इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल उद्भेदन कर लिया। फिलहाल दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : भागलपुर स्टेशन पर मुहर्रम के दौरान तलवारों के साथ घुसे 100 से अधिक लोग, यात्रियों में दहशत!