पटना: देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर उबाल के बीच जांच में बड़ा मोड़ आ गया है। CBI ने 2024 NEET-UG पेपर लीक मामले के कथित मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को क्लीनचिट दे दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच में उसके खिलाफ पेपर चुराने या लीक करने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले।
CBI ने गुरुवार को कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में इस केस से जुड़े 45 लोगों के नाम शामिल किए हैं, लेकिन संजीव मुखिया को पेपर लीक की साजिश से सीधे तौर पर जोड़ने वाला कोई प्रमाण नहीं मिला।
जमानत मिली, फिर भी जेल में रहेगा
संजीव मुखिया को इस केस में जमानत मिल चुकी है, लेकिन वह अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। वजह है कि उसके खिलाफ सिपाही बहाली पेपर लीक का एक और मामला लंबित है।
EOU की जांच के बाद CBI को सौंपा गया था केस
इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआती जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने की थी। संजीव मुखिया पहले भी पेपर लीक मामलों में संदिग्ध रहा था, इसी आधार पर उसे इस केस में आरोपी बनाया गया था।
करीब 11 महीने तक फरार रहने के बाद EOU ने उसे गिरफ्तार किया था और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। इसके बाद जांच CBI को ट्रांसफर कर दी गई।
CBI का दावा—पूरी चेन की पहचान
CBI ने दावा किया है कि उसने प्रश्नपत्र चोरी और वितरण में शामिल नेटवर्क की पहचान कर ली है। साथ ही उन उम्मीदवारों को भी चिन्हित किया गया है जिन्हें लीक पेपर से फायदा हुआ।
देशभर में उबाल, सड़कों पर छात्र
इस खुलासे के बीच NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का आंदोलन जारी है, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस मुद्दे पर अनशन पर बैठे थे और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।
बिहार में भी प्रदर्शन उग्र
बिहार में भी छात्रों का गुस्सा कम नहीं हो रहा। दरभंगा, बेगूसराय और कटिहार में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगहों पर छात्रों ने DM ऑफिस घेरने की कोशिश की, वहीं पटना में अशोक राजपथ जाम कर दिया गया।
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