सीतामढ़ी: जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित बागमती नदी के खड़का घाट पर रविवार को एक बड़ा नाव हादसा होते-होते टल गया। क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने के कारण बीच नदी में नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव पर करीब 35 से 40 यात्री सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव जैसे ही नदी की बीच धारा में पहुंची, ओवरलोड होने के कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि नदी में मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। उनकी तत्परता के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खड़का घाट पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग नाव से आवागमन करते हैं, लेकिन यहां सुरक्षित और पर्याप्त क्षमता वाली नावों की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद अक्सर ओवरलोडिंग कर नाव चलाई जाती है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से घाट पर बड़ी और सुरक्षित नाव उपलब्ध कराने, नाव संचालन की निगरानी बढ़ाने और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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