कोडरमा : झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र के सियास मुसहरिया गांव में शुक्रवार रात एक ऐसा सन्नाटा पसरा, जो अब पूरे गांव की यादों में गूंजता रहेगा।
17 वर्षीय रंजीत मुसहर, जो अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था और मजदूरी कर परिवार का सहारा बनता था, शुक्रवार रात सामान्य दिन की तरह खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह रात उसके जीवन की आखिरी रात साबित होगी।
सुबह जब वह देर तक बाहर नहीं निकला, तो घरवालों को चिंता हुई। दरवाजा खटखटाया गया, आवाजें दी गईं, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देखकर घरवालों की चीखें पूरे मोहल्ले में फैल गईं।
रंजीत का शव कमरे में फंदे से झूलता मिला। कुछ ही पलों में हंसता-खेलता घर मातम में बदल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रंजीत का एक युवती के साथ प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन परिवार की असहमति के कारण रिश्ते को मंजूरी नहीं मिल पाई। हालात ऐसे बने कि जिस दिन उस युवती की शादी तय थी, उसी दिन यह दर्दनाक घटना सामने आ गई।
कहते हैं, प्यार जब अधूरा रह जाता है, तो दर्द शब्दों में नहीं समाता—और इस गांव में भी वही दर्द हर आंख में देखा जा सकता है।
परिजनों के मुताबिक रंजीत अपने पिता का बड़ा सहारा था और घर की जिम्मेदारियों में हमेशा आगे रहता था। उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
सूचना मिलने पर सतगावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
गांव में अब भी लोग एक ही बात दोहरा रहे हैं—“काश कोई समझ पाता, तो शायद आज ये घर खाली न होता…”
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