पटना। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पटना साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), बीपीएससी, बिहार पुलिस और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कार्रवाई न्यू सचिवालय इलाके के पास स्थित एक होटल में की गई, जहां से गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अपना नेटवर्क चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक कुमार (37), मंजीत कुमार (23) और निर्भय कुमार सिंह (25) के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, अंकपत्र, मूल दस्तावेजों की प्रतियां समेत कई महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सरकारी नौकरी में चयन कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में अंदरूनी सेटिंग होने का भरोसा दिलाते थे और नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठते थे। इसके अलावा अभ्यर्थियों के जरूरी दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लेते थे।
साइबर थाना पुलिस को जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े दो अन्य लोगों की जानकारी भी मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
इस मामले में पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को ठगा है और कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने या अपने मूल दस्तावेज सौंपने से पहले पूरी जांच जरूर करें।