बोकारो: अगर अचानक कोई बड़ा संकट आ जाए तो प्रशासन कितनी तेजी से लोगों तक मदद पहुंचा सकता है, इसकी तैयारी को परखने के लिए बोकारो में बुधवार शाम एक बड़ा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल किया गया। शाम 7 बजकर 3 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक पूरे जिले में तीन मिनट का ब्लैकआउट रखा गया, जिसके बाद आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास शुरू हुआ।
इस दौरान ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे शहर पर अचानक कोई बड़ा खतरा आ गया हो। एयर रेड सायरन बजाकर बम विस्फोट जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसके बाद पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, आपदा प्रबंधन और जनसंपर्क विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं।
मॉक ड्रिल के लिए बोकारो के उषा ऑटोमोबाइल पेट्रोल पंप और सेक्टर-12 स्थित मेडिकेट अस्पताल को चुना गया। अभ्यास के दौरान टीमों ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने, एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने, आग पर काबू पाने और प्रभावित इलाके को सुरक्षित करने की प्रक्रिया को जमीन पर उतारा।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य केवल तैयारी दिखाना नहीं, बल्कि यह जांचना है कि संकट की घड़ी में अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल कितना बेहतर है। किसी भी आपदा के समय कुछ मिनटों का सही इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल को लेकर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे अभ्यास भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा से निपटने के लिए व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेंगे।
बोकारो में हुआ यह अभ्यास यह संदेश देता है कि संकट आने से पहले तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।