पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पटना में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के बीच हुई अचानक मुलाकात ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात बेहद शांत और निजी माहौल में हुई, लेकिन इसकी जानकारी बाहर आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। खास बात यह है कि न तो मुलाकात का कोई आधिकारिक एजेंडा बताया गया और न ही दोनों पक्षों की ओर से कोई बयान जारी किया गया है।
आरसीपी सिंह कभी जदयू के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते रहे हैं। बाद में राजनीतिक घटनाक्रम ने दोनों के रास्ते अलग कर दिए थे, लेकिन अब अचानक हुई यह मुलाकात कई पुराने समीकरणों को फिर से चर्चा में ले आई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि बिहार की राजनीति में हर छोटी मुलाकात के बड़े राजनीतिक संकेत निकाले जाते हैं। खासकर जब बात नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता की हो, तो सियासी हलचल और भी तेज हो जाती है।
सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बंद कमरे में बातचीत हुई, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं है। यही वजह है कि यह मुलाकात अब “राजनीतिक रहस्य” बन गई है।
फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से चुप्पी बरकरार है, लेकिन इस मुलाकात ने बिहार की सियासत में संभावित नए समीकरणों की अटकलों को और हवा दे दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक संकेत सामने आता है या नहीं।
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