जमशेदपुर: लगभग एक वर्ष से लंबित वेतन समझौते पर आखिरकार मुहर लग गई। टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच गुरुवार देर शाम हुए समझौते ने हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। इस ऐतिहासिक वेज रिवीजन के तहत कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
समझौते के अनुसार टाटा स्टील के करीब 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन में न्यूनतम 16,111 रुपये और अधिकतम 30,793 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि होगी। यह वेज रिवीजन अगले 7 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जो कर्मचारियों के आर्थिक भविष्य को स्थिरता प्रदान करेगा।
जानकारी के मुताबिक, बढ़ी हुई सैलरी का लाभ कर्मचारियों को अगस्त महीने से मिलना शुरू हो जाएगा, जबकि एरियर की राशि नवंबर में उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष टुन्नू चौधरी ने इस समझौते को कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इसे कर्मचारियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे इस अतिरिक्त आय का सही उपयोग करें, ताकि आने वाले समय में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस समझौते के बाद लंबे समय से वेज रिवीजन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे हैं। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में यह समझौता न सिर्फ आर्थिक राहत लेकर आया है, बल्कि श्रमिक-प्रबंधन के बेहतर तालमेल का भी संकेत माना जा रहा है।
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