लखीसराय (बिहार): जिले में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। गुरुवार को जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में नगर परिषद लखीसराय, बड़हिया और सूर्यगढ़ा क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल (SLF) के निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चयन को प्राथमिकता दी गई।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए कचरा प्रबंधन की स्थायी और वैज्ञानिक व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर निकायों के साथ समन्वय बनाकर तय मानकों के अनुरूप जमीन का चयन और सत्यापन जल्द पूरा करें।
भूमि चयन के लिए कई अहम मापदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कम से कम 16 फीट चौड़ी सड़क से संपर्क, जल स्रोतों और आवासीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी, बाढ़ और जल-जमाव से मुक्त स्थान, नगर क्षेत्र से 5-6 किलोमीटर के भीतर स्थिति, उच्च वोल्टेज तारों से दूरी और भूमि का विवाद रहित होना शामिल है।
बैठक में बताया गया कि तीनों नगर निकायों के लिए MRF और कम्पोस्ट प्लांट हेतु करीब 1.55 एकड़ तथा सैनिटरी लैंडफिल के लिए 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तय समयसीमा के भीतर भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि परियोजनाओं का कार्य जल्द शुरू किया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने और स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने पर जोर दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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