मधुबनी: जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में एएसआई की गोली से एक व्यक्ति की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को उस समय और बढ़ गया, जब मृतक के परिजनों से मिलने और सड़क जाम समाप्त कराने पहुंचे जिलाधिकारी आनंद शर्मा तथा एसपी योगेंद्र कुमार को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मृतक के घर पर बातचीत के दौरान एक महिला ने जिलाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद बलिराजगढ़ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे ग्रामीणों की भीड़ के बीच अधिकारियों को सुरक्षा घेरे में बाहर निकालना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिले के विभिन्न इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया।
मृतक के परिजनों से बातचीत के दौरान हुआ हंगामा
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार सबसे पहले प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत करने पहुंचे थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को उचित सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया।
इसके बाद डीएम और एसपी मृतक अशोक यादव के घर पहुंचे। वहां वे उनकी पत्नी अस्मिता देवी से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक महिला ने जिलाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया। महिला के हाथ में चप्पल भी थी। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और महिला को हटाकर डीएम तथा एसपी को सुरक्षित बाहर निकाला।
सड़क पर बैठकर लोगों को समझाने पहुंचे डीएम-एसपी
हंगामे के बावजूद प्रशासन ने ग्रामीणों से बातचीत जारी रखने की कोशिश की। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार सड़क पर बैठकर लोगों की बातें सुनने और उन्हें समझाने लगे। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पुलिस बल बुलाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जाम स्थल पर बिहार पुलिस और बीएमपी के 500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। मधुबनी जिले के सभी सात एसडीपीओ के अलावा दरभंगा जिले के कमतौल अनुमंडल के एसडीपीओ भी मौके पर पहुंचे।
एएसआई की फायरिंग में अशोक यादव की मौत, कई घायल
दरअसल, बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में देर रात एएसआई चंद्रमोहन सिंह एक घर में एक महिला से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ विवाद और विरोध की स्थिति बनने पर एएसआई ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोग दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
आरोपी एएसआई निलंबित, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
घटना के बाद आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल बलिराजगढ़ में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आक्रोश और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी, घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सहायता देने के मामले में प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
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