पटना: बिहार की सत्तारूढ़ NDA में सत्ता संतुलन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच बिहार विधान परिषद के सभापति पद को लेकर बदलाव की चर्चा चल रही है। संभावित बदलाव के तहत यह पद JDU के खाते में जाने की बात कही जा रही है।
मौजूदा समय में बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बीजेपी के सम्राट चौधरी हैं, जबकि विधानसभा अध्यक्ष का पद भी बीजेपी के पास है। ऐसे में विधान परिषद के सभापति का पद JDU को मिलने की स्थिति में दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच सदन के प्रमुख पदों का बंटवारा बदल सकता है।
अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे की चर्चा
विधान परिषद के मौजूदा सभापति अवधेश नारायण सिंह बीजेपी से हैं। हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीजेपी सभापति का पद JDU को सौंपने पर सहमत हो गई है और अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद JDU के रामवचन राय को कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम आधिकारिक निर्णय की पुष्टि जरूरी है।
इससे पहले सितंबर में ही एक अन्य रिपोर्ट में इसके उलट यह दावा सामने आया था कि नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद अवधेश नारायण सिंह को पद पर बनाए रखने की बात हुई थी। इससे स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक स्तर पर चर्चा और दावे लगातार बदलते रहे हैं।
NDA में पदों के बंटवारे पर नजर
बिहार में NDA सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे प्रमुख पद बीजेपी के पास हैं। विधान परिषद सभापति का पद JDU को मिलने की स्थिति में सदन के दोनों प्रमुख पद अलग-अलग सहयोगी दलों के पास होंगे।
राजनीतिक रूप से यह बदलाव NDA के भीतर पदों के बंटवारे को लेकर महत्वपूर्ण माना जा सकता है, लेकिन इसका वास्तविक स्वरूप संबंधित पदाधिकारी के इस्तीफे और नए सभापति के चुनाव या नियुक्ति के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल विधान परिषद सभापति पद को लेकर सामने आ रही खबरों में JDU के संभावित दावेदारों के नामों की भी चर्चा है। अंतिम फैसला बीजेपी और JDU के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय तथा सदन की संवैधानिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।
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