शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में शुक्रवार की अहले सुबह उस समय मंडल कारा में हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम अचानक जेल परिसर पहुंच गई। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस औचक छापेमारी के दौरान जेल के अलग-अलग वार्डों से लेकर कैदियों के रहने वाले स्थानों और परिसर के विभिन्न हिस्सों की सघन तलाशी ली गई। अभियान में जिले के सैकड़ों पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।
सुबह-सुबह इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी और अधिकारियों की अचानक हुई एंट्री से जेल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बन गया। प्रशासनिक टीम ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही यह भी जांच की कि कहीं कैदियों के पास कोई प्रतिबंधित या अवैध सामान तो मौजूद नहीं है।
वार्ड से लेकर परिसर तक हुई सघन जांच
छापेमारी के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने मंडल कारा के विभिन्न वार्डों, कैदियों के रहने के स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई। अचानक चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि की आशंका को समाप्त करना था।
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि कैदियों की सुरक्षा और मंडल कारा की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह अचानक जांच अभियान चलाया गया।
तलाशी में नहीं मिला कोई अवैध सामान
जिलाधिकारी ने बताया कि छापेमारी और सघन तलाशी के दौरान जेल से किसी भी प्रकार का अवैध सामान या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेल में बंद सभी कैदी सुरक्षित हैं और प्रशासन की ओर से उनकी सुरक्षा एवं जेल की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि जेल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
औचक निरीक्षण से जेल प्रशासन में बढ़ी सतर्कता
अहले सुबह हुई इस कार्रवाई ने जेल प्रशासन और कैदियों को कुछ समय के लिए सतर्क कर दिया। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई अवैध सामान नहीं मिलने से प्रशासन ने राहत की बात कही है। इस तरह के औचक अभियान का मकसद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और किसी भी संभावित लापरवाही को समय रहते रोकना है।
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