भोजपुर: जिले के चर्चित रिटायर्ड कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड में भोजपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है। शुक्रवार की अहले सुबह बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के समीप पुलिस और हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे शूटर के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान आरोपी शूटर पवन यादव के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। गोली लगने से वह जख्मी हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है।
जख्मी शूटर की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग निवासी निर्मल यादव के 22 वर्षीय पुत्र पवन यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पवन यादव रामकुमार सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी शूटर है। मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद भोजपुर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दी।
हथियार की तलाश के दौरान हुई मुठभेड़, पुलिस का दावा- आरोपी ने की फायरिंग
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि रामकुमार सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी शूटर पवन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाकर रखने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम हथियार की तलाश में संबंधित स्थान पर पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस का दावा है कि मौके का फायदा उठाकर पवन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, उसे चेतावनी दी गई, लेकिन स्थिति को देखते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें पवन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हत्याकांड में अन्य साथियों की भी तलाश, जल्द खुलासे का दावा
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि इस हत्याकांड में पवन यादव के साथ अन्य लोगों के शामिल होने की भी सूचना मिली थी। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई जारी है। एसपी ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किए जाने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड में पुलिस ने कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या की वजह जमीन विवाद बताई जा रही है। पुलिस अब इस मामले में सभी आरोपियों की भूमिका, हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
10 अक्टूबर को घर के बाहर मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी हत्या
गौरतलब है कि भोजपुर जिले के चर्चित पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की बीते 10 अक्टूबर को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। अपराधियों ने उनके घर के बाहर ही उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर पुलिस ने इस हत्याकांड को चुनौती के रूप में लिया था। इसके बाद से ही पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थीं। अब मुख्य आरोपी बताए जा रहे शूटर पवन यादव के साथ मुठभेड़ और उसके जख्मी होने के बाद मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
फिलहाल पुलिस की निगाहें हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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