रक्सौल: नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत का तिरंगा लहराकर विश्व मिक्स बॉक्सिंग चैंपियन बनने वाले पूर्वी चंपारण के रक्सौल निवासी 17 वर्षीय सन्नी कुमार का बुधवार को अपने शहर लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली से ट्रेन के जरिए रक्सौल पहुंचे युवा विश्व चैंपियन की अगवानी के लिए स्टेशन पर पहले से ही बड़ी संख्या में युवा, खेलप्रेमी, शुभचिंतक और स्थानीय लोग मौजूद थे।
ट्रेन से उतरते ही स्टेशन परिसर ढोल-ताशे और नगाड़ों की गूंज से गूंज उठा। लोगों ने सन्नी को फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई। स्टेशन से शुरू हुआ स्वागत कुछ ही देर में विजय जुलूस में बदल गया।
खुली जीप में निकला विजय जुलूस
विश्व चैंपियन बनकर रक्सौल लौटे सन्नी को खुली जीप में बैठाकर विजय जुलूस निकाला गया। स्टेशन रोड, मेन रोड और आर्य समाज रोड होते हुए जुलूस आश्रम रोड स्थित उनके पैतृक आवास की ओर बढ़ा।
रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने रुककर युवा चैंपियन का अभिवादन किया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने सन्नी की उपलब्धि को पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण बताया।
बाइट: रवि कुमार गुप्ता, वार्ड कमिश्नर, रक्सौल नगर परिषद वार्ड नंबर-10
दादा-दादी ने तिलक लगाकर किया पोते का स्वागत
आश्रम रोड स्थित मिडिल स्कूल गली में अपने घर पहुंचने पर सन्नी का स्वागत पारिवारिक भावनाओं से भी जुड़ गया। दादा हरिनारायण और दादी मनोरमा देवी ने पोते को तिलक लगाकर उसका स्वागत किया। परिजनों ने मिठाई खिलाकर सन्नी की सफलता पर खुशी जताई और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
घर पहुंचते ही सन्नी भावुक नजर आए। परिवार के लोगों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर स्वर्ण पदक जीतना पूरे परिवार और रक्सौल के लिए गौरव की बात है।
भूटान के खिलाड़ी को हराकर जीता स्वर्ण
सन्नी ने 29 से 31 जुलाई 2026 तक नेपाल के काठमांडू में आयोजित विश्व मिक्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। प्रतियोगिता के निर्णायक मुकाबले में उन्होंने भूटान के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और 2026 के विश्व मिक्स बॉक्सिंग चैंपियन बने।
महज 13 वर्ष की उम्र में युद्धक खेलों का अभ्यास शुरू करने वाले सन्नी ने करीब चार वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। मिक्स बॉक्सिंग के अलावा वे जू-जित्सु, MMA, किकबॉक्सिंग और ताइक्वांडो जैसी विधाओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का कर चुके हैं प्रतिनिधित्व
सन्नी अब तक चार अलग-अलग युद्धक खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में वे स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एशियाई जू-जित्सु चैंपियनशिप में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। वहां उन्होंने एशियाई रैंकिंग में पांचवां और विश्व रैंकिंग में 11वां स्थान हासिल किया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी सन्नी का प्रदर्शन शानदार रहा है। वे मिक्स बॉक्सिंग, जू-जित्सु और MMA में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके खाते में कई स्वर्ण और कांस्य पदक हैं। ताइक्वांडो में भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
सामान्य परिवार से निकला असाधारण खिलाड़ी
सन्नी के पिता अनिल कुमार रक्सौल में छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी है। सीमित संसाधनों वाली सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर सन्नी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर खेल की दुनिया में अलग पहचान बनाई है।
सन्नी की उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
युवाओं को दिया खेल से जुड़ने का संदेश
रक्सौल लौटने के बाद सन्नी ने युवाओं से खेलों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए खेल बेहद जरूरी हैं। भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
सन्नी की जीत के साथ ही रक्सौल का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी चमका है। शहर में उनके स्वागत के दौरान लोगों का उत्साह इस बात की गवाही दे रहा था कि 17 साल के इस युवा चैंपियन की उपलब्धि ने पूरे रक्सौल को गर्व से भर दिया है।
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