पटना: जनता दल यूनाइटेड की विधानमंडल दल की अहम बैठक शुक्रवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में बड़ी संख्या में विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए, लेकिन केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मोकामा विधायक अनंत सिंह, मंत्री अशोक चौधरी और डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।
बैठक की अध्यक्षता जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने की। पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार भी बैठक में पहुंचे और उद्घाटन के बाद वापस लौट गए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई नेता मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करने वालों में निशांत कुमार प्रमुख रहे, जबकि समापन भाषण प्रदेश अध्यक्ष ने दिया।
बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलें लगने लगीं। हालांकि जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने गुटबाजी की बात को खारिज किया। उनका कहना था कि बैठक मुख्य रूप से ओरिएंटेशन कार्यक्रम था।
वहीं, अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं थी। उन्होंने विधान पार्षद नीरज कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और आगामी एमएलसी चुनाव में उन्हें हराने की बात कही।
ललन सिंह के बैठक में नहीं पहुंचने को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल विधानमंडल दल की बैठक थी, इसलिए सांसदों को आमंत्रित नहीं किया गया था। संजय झा के मुताबिक, ललन सिंह से उनकी लगातार बातचीत हो रही है और किसी नाराजगी की बात नहीं है।
बैठक में मौजूदगी और गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवालों के बीच जेडीयू नेताओं के अलग-अलग बयानों ने पार्टी की आंतरिक राजनीति को चर्चा में ला दिया है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने गुटबाजी की अटकलों को खारिज किया है।
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