पटना: बिहार बंद के दौरान सीवान में हुए बवाल और पुलिस फायरिंग मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जवान के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
25 जुलाई को छात्र संगठनों के बिहार बंद के दौरान सीवान में हालात बेकाबू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। इसी दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस का जवान AK-47 लेकर सीधे फायरिंग करता दिखाई दे रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और बल प्रयोग पर गंभीर सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तलब की और एसपी पूरन झा के बॉडीगार्ड अभिषेक पटेल पर कार्रवाई कर दी गई।
सीवान में चली थीं 10 राउंड गोलियां
प्रदर्शन के दौरान सीवान में पुलिस की ओर से करीब 10 राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस दौरान तीन छात्र गोली लगने से घायल हुए, जिनमें एक छात्र की हालत गंभीर बताई गई थी।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से जमकर पथराव किया गया, जिसमें सीवान एसपी पूरन झा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
बिहार बंद हिंसा पर पुलिस का बड़ा अभियान
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे राज्य में कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और करीब 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पटना में 139 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस लगातार अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन हथियारों के इस्तेमाल को लेकर तय नियमों का पालन जरूरी है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीवान AK-47 फायरिंग कांड ने बिहार में पुलिस कार्रवाई और छात्र आंदोलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब निगाहें विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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