शेखपुरा: घाटकुसुम्भा प्रखंड में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति का जायजा लेने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को गांव-गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल में भाकपा के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय, सहायक जिला सचिव गुलेश्वर यादव, वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण प्रसाद, अवधेश रविदास, अजय कुमार और सौरभ कुमार शामिल रहे।
हर साल बाढ़, फिर भी क्षेत्र को दर्जा क्यों नहीं?
भाकपा जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने कहा कि हर साल बारिश के दौरान घाटकुसुम्भा क्षेत्र के हजारों लोगों को जलजमाव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद क्षेत्र को आधिकारिक रूप से बाढ़ग्रस्त घोषित नहीं किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के समर्थन-विरोध का मुद्दा नहीं, बल्कि घाटकुसुम्भा के लोगों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा सवाल है। जिला प्रशासन से उन्होंने प्रभावित लोगों की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेकर बिहार सरकार को वस्तुस्थिति से अवगत कराने और क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित कराने की दिशा में पहल करने की मांग की।
फसल बर्बाद, घरों में पानी और पेयजल की परेशानी का दावा
भाकपा नेताओं ने दावा किया कि घाटकुसुम्भा प्रखंड के कई गांवों में फसलें बर्बाद हो गई हैं और घरों के आसपास तथा अंदर पानी जमा है। कई झोपड़ियों के क्षतिग्रस्त होने की भी बात कही गई।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि बटोरा में पशु चारा और अकरपुर में पॉलिथीन का वितरण किया गया, लेकिन अन्य प्रभावित गांवों तक अब तक पर्याप्त राहत नहीं पहुंची है। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
पड़ोसी लखीसराय के गांवों से की राहत की तुलना
भाकपा ने शेखपुरा और लखीसराय जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को लेकर भी सवाल उठाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि नदी के दूसरी ओर लखीसराय जिले के ऐंजनी, सरौड़ा और पाली समेत अन्य गांवों में राहत कार्य चल रहे हैं, जबकि शेखपुरा जिले के आलापुर, पानापुर, अकबरपुर, घाटकुसुम्भा, बेलदरिया, सुजालपुर, गड़बड़िया, बटौरा और बिलौनी जैसे गांवों में नाव और अन्य राहत सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं पहुंची हैं।
डीएम को ज्ञापन, 28 सितंबर को राजभवन मार्च
भाकपा नेताओं ने कहा कि इन समस्याओं को लेकर पार्टी जल्द ही जिला पदाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगी। इसके साथ ही मांगों को लेकर जनगोलबंदी करने और 28 सितंबर को पटना में राजभवन मार्च करने का ऐलान किया गया है।
पार्टी के अनुसार, इस मार्च में शेखपुरा जिले से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
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