मुजफ्फरपुर: जिले के मुरौल प्रखंड स्थित राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय से सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ के वीडियो ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्रधानाध्यापक के कार्यालय में क्या हुआ?
मामला उस समय चर्चा में आया, जब प्रधानाध्यापक के कार्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कार्यालय में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की प्रक्रिया की गई।
वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से शिक्षा विभाग तक पहुंचा। हालांकि वायरल वीडियो के पीछे की पूरी परिस्थिति और उसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विभाग ने माना गंभीर मामला, तत्काल निलंबन
वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभागीय जांच में यह पता लगाया जाएगा कि स्कूल परिसर में कथित रूप से हुई गतिविधि की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और क्या सरकारी विद्यालय की मर्यादा एवं विभागीय नियमों का उल्लंघन हुआ।
वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक के कार्यालय से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयी माहौल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर स्कूल जैसे संस्थान में इस तरह की गतिविधि का कथित वीडियो सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। विभागीय जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
फिलहाल शिक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि मामले को हल्के में नहीं लिया गया है। निलंबन के बाद अब विभागीय जांच की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई टिकी है।
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