पटना: शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार की रात सैकड़ों अभ्यर्थी धरनास्थल पर डटे रहे। आंदोलन को अब विपक्षी नेताओं के साथ-साथ शिक्षकों का भी समर्थन मिल रहा है।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग TRE-4 में प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) की व्यवस्था खत्म कर पूर्व की तरह एकल परीक्षा कराने की है। इसके अलावा निगेटिव मार्किंग हटाने, डोमिसाइल नीति लागू करने, लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां घोषित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई जा रही है।
तेजस्वी और पप्पू यादव ने छात्रों का समर्थन किया
शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गर्दनीबाग पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने TRE-4 में एकल परीक्षा कराने और ‘One Candidate, One Result’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने रद्द हुई AEDO और अन्य परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा BSSC की लंबित परीक्षाओं को जल्द कराने की बात भी कही।
उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने, लाइब्रेरियन और लंबित लेखपाल भर्ती पूरी करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग उठाई।
छात्रों से मुलाकात के बाद तेजस्वी ने पटना डीएम कुंदन कुमार से फोन पर बात कर धरनास्थल पर पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की।
पप्पू यादव छात्रों के साथ पहुंचे राज्यपाल के पास
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन किया। वे छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं राज्यपाल के सामने रखीं।
राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सरकार व मुख्यमंत्री के सामने मुद्दा रखने का भरोसा दिया। उन्होंने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील भी की।
32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन, परीक्षा पैटर्न पर विवाद
TRE-4 के लिए सरकार की ओर से 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जा चुका है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी। हालांकि परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
विज्ञापन जारी होने के बावजूद अभ्यर्थियों का आंदोलन इसलिए जारी है क्योंकि परीक्षा प्रक्रिया में PT और Mains को लेकर छात्र सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एकल परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। ऐसे में TRE-4 में अचानक दो चरणों की परीक्षा लागू करना उचित नहीं है।
छात्रों का कहना है कि अगर सरकार परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए, ताकि TRE-4 के अभ्यर्थियों के साथ प्रक्रिया में बदलाव न हो।
शिक्षा मंत्री बोले- हर मांग मानना संभव नहीं
आंदोलन पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों को पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि TRE-4 में दो परीक्षाएं कराने का फैसला सिर्फ शिक्षा विभाग का नहीं है।
मंत्री के मुताबिक परीक्षा व्यवस्था तय करने में सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बेहतर प्रतिभा वाले शिक्षकों का चयन करना है।
छात्रों ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र भेजकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने सहित कई मांगें रखी हैं। यूनियन का दावा है कि 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं को लेकर परेशान हैं।
छात्र संगठन ने TRE-4 में निगेटिव मार्किंग हटाने, BSSC की परीक्षाओं से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव, लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करने और AEDO समेत अन्य परीक्षाओं का शेड्यूल जारी करने की मांग की है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
शिक्षक रौशन आनंद ने भी छात्रों का बढ़ाया हौसला
आंदोलन को शिक्षक रौशन आनंद सर का भी समर्थन मिला है। उन्होंने छात्रों से धरनास्थल पर पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज कराने की अपील की। उनका कहना है कि छात्रों को पूरे दिन धरने पर बैठना जरूरी नहीं है, लेकिन रोजाना कुछ समय आंदोलन में शामिल होने से आंदोलन को मजबूती मिल सकती है।
फिलहाल गर्दनीबाग में छात्रों का ‘न्याय सत्याग्रह’ जारी है। एक ओर सरकार TRE-4 का विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा चुकी है, वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थी परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत इस विवाद के समाधान के लिए अहम मानी जा रही है।
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