पटना: बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को उनके वीडियो के प्रदर्शन और व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा। नई व्यवस्था में एक वीडियो पर अधिकतम 1.20 लाख रुपये तक भुगतान का प्रावधान है।
बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली-2024 में संशोधन किया है। सबसे अहम बदलाव यह है कि क्रिएटर्स के लिए पहले लागू 10 प्रतिशत व्यूज की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। अब भुगतान के लिए वीडियो के व्यूज के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं।
30 दिन के व्यूज के आधार पर होगा भुगतान
नए प्रावधान के अनुसार वीडियो अपलोड होने के बाद 30 दिनों के भीतर प्राप्त व्यूज को भुगतान के लिए आधार बनाया जाएगा। क्रिएटर्स को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है और प्रत्येक कैटेगरी के लिए अधिकतम भुगतान की सीमा निर्धारित की गई है।
कैटेगरी-A
30 दिनों में 1 लाख से अधिक व्यूज होने पर भुगतान की पात्रता होगी। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त 1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इस श्रेणी में अधिकतम 1.20 लाख रुपये तक भुगतान किया जा सकता है।
कैटेगरी-B
30 दिनों में 50 हजार से अधिक व्यूज होने पर पात्रता होगी। प्रत्येक अतिरिक्त 50 हजार व्यूज पर 10 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान होगा। इस श्रेणी में अधिकतम भुगतान 1.10 लाख रुपये तक निर्धारित है।
कैटेगरी-C
30 दिनों में 20 हजार से अधिक व्यूज आने पर भुगतान का प्रावधान है। प्रत्येक अतिरिक्त 20 हजार व्यूज पर 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस श्रेणी में अधिकतम 1 लाख रुपये तक भुगतान किया जा सकता है।
कैटेगरी-D
30 दिनों में 10 हजार से अधिक व्यूज होने पर क्रिएटर भुगतान के पात्र होंगे। प्रत्येक अतिरिक्त 10 हजार व्यूज पर 10 हजार रुपये का प्रावधान है। इस श्रेणी में अधिकतम 90 हजार रुपये तक भुगतान किया जा सकता है।
पहले क्या था नियम?
बिहार सोशल मीडिया नियमावली-2024 में क्रिएटर्स के लिए फॉलोअर्स की संख्या के मुकाबले न्यूनतम 10 प्रतिशत व्यूज हासिल करने की शर्त रखी गई थी। यदि क्रिएटर निर्धारित व्यूज हासिल नहीं कर पाता था तो उसे भुगतान नहीं मिलता था।
संशोधन के बाद यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इससे कम फॉलोअर्स वाले लेकिन अच्छे कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए भी सरकारी योजना के तहत भुगतान पाने का रास्ता आसान हो सकता है।
किस तरह के वीडियो बनाने होंगे?
सरकारी भुगतान पाने के लिए क्रिएटर्स को ऐसे वीडियो तैयार करने होंगे, जिनमें बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी दी जाए। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और उनके लाभों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचाना है।
इस नई व्यवस्था के बाद बिहार में सोशल मीडिया के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रसारित करने वाले क्रिएटर्स के लिए एक नया अवसर खुला है। हालांकि, भुगतान संबंधित नियमों और पात्रता की शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: भागलपुर-अहमदाबाद के बीच चलेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, 26 अगस्त से शुरू होगा परिचालन; किउल-मोकामा-पटना समेत कई स्टेशनों पर ठहराव!