अररिया: जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र स्थित मटियारी पंचायत से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में तीन युवकों को चोरी के शक में खूंटे से बांधकर लाठी-डंडों से पीटते हुए देखा जा रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में तीन युवकों को पकड़ लिया था। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय कथित तौर पर मुखिया प्रतिनिधि के कामत पर ले जाकर बांध दिया गया और उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।
पीड़ितों का आरोप- बंधक बनाकर की गई मारपीट
पीड़ित सोनू कुमार उर्फ चंदू शर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 27 जुलाई को एक विवाद के बाद उन्हें मौके पर बुलाया गया, जहां पहले से दो युवकों की पिटाई की जा रही थी। इसके बाद उन्हें भी खूंटे से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
पीड़ितों में बिपिन राय और निक्कू राय के नाम भी सामने आए हैं।
मुखिया पति पर आरोप, खुद बताया साजिश
इस मामले में मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप देव समेत चार लोगों को नामजद किया गया है। हालांकि प्रदीप देव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। उनका कहना है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) राजकिशोर कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। वायरल वीडियो की सत्यता और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में प्रदीप देव, मोनू देव, नीकू देव और मुन्ना गामी को नामजद किया गया है, जबकि 4-5 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कानून के बजाय भीड़ का ‘फैसला’ चल रहा है? विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्याय व्यवस्था को है, न कि किसी व्यक्ति या भीड़ को।
फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार है।
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