धनबाद: धनबाद जंक्शन पर मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर कार्रवाई करते हुए करीब 40 किलोग्राम गांजा बरामद किया। नशीले पदार्थ की यह खेप दो ट्रॉली और तीन पिट्ठू बैग में रखी गई थी। मामले में दो संदिग्धों को पकड़ा गया है।
संदिग्ध ट्रॉली और बैग ने खोला पूरा राज
सुबह प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर RPF की टीम नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान दो ट्रॉली और तीन बैग पर जवानों की नजर पड़ी। सामान संदिग्ध लगने पर तलाशी ली गई तो अंदर से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ।
जांच के बाद बरामद पदार्थ गांजा निकला। वजन किए जाने पर इसकी मात्रा करीब 40 किलो बताई गई।
RPF की सतर्कता से स्टेशन पर ही रुक गई खेप
गांजा बरामद होते ही RPF ने तत्काल कंट्रोल रूम और GRP को सूचना दी। इसके बाद RPF, CIB और GRP की टीमें मौके पर पहुंचीं। दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
बरामद गांजे को जिला मजिस्ट्रेट राम प्रवेश सिंह की मौजूदगी में नियमानुसार जब्त कर सील किया गया।
ओडिशा से चली खेप, यूपी पहुंचने से पहले धनबाद में पकड़ी गई
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ओडिशा से गांजे की खेप लेकर आए थे और इसे उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी में थे। दोनों संदिग्धों के बिहार निवासी होने की जानकारी सामने आई है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी खेप किसके इशारे पर लाई गई थी और इसे यूपी में किसे सौंपा जाना था?
सिर्फ दो तस्कर या पीछे है बड़ा नेटवर्क?
करीब 40 किलो गांजे की बरामदगी ने रेलवे के जरिए चल रहे कथित नशे के नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एजेंसियां गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ कर खेप के स्रोत, संभावित खरीदार और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
धनबाद जंक्शन पर RPF की एक तलाशी ने नशे की बड़ी खेप को मंजिल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया, लेकिन अब असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचना है, जिसके जरिए यह खेप ओडिशा से निकलकर उत्तर प्रदेश जाने वाली थी।
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