गोपालगंज: जादोपुर थाना में पद और सरकारी अधिकारों के कथित दुरुपयोग, अवैध रूप से लोगों को हिरासत में रखने तथा पैसे की मांग और वसूली से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामले की जांच के बाद जादोपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक अनिल राम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में कथित दलाल राजू यादव, थाना चालक राकेश कुमार और चौकीदार महंथ कुमार यादव शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त को एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि जादोपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम अपने पद और दायित्व का कथित तौर पर दुरुपयोग कर आम नागरिकों से अवैध राशि की मांग और वसूली कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मामले की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को सौंपी।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप
डीएसपी मुख्यालय ने मामले की विस्तृत जांच की। इस दौरान संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों व अन्य तथ्यों का सत्यापन किया गया। जांच के बाद 18 अगस्त को पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपी गई। रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार महंत यादव, थाना चालक राकेश कुमार और कथित दलाल राजू यादव की भूमिका को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, जांच में जितन राम, विजय राम, शंकर राम समेत कुछ अन्य लोगों तथा एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को बिना प्राथमिकी या सक्षम कानूनी अनुमति के करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में रखे जाने की बात सामने आई। पुलिस ने इसे अवैध रूप से निरुद्ध रखने का मामला माना है।
मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार मांगने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि जितन राम और अन्य ग्रामीणों को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित दलाल राजू यादव के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग और वसूली की गई। पुलिस ने जांच के आधार पर इस आरोप को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने की बात कही है।
इसी तरह एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को थाना से छोड़ने के नाम पर चौकीदार महंथ यादव के माध्यम से 75 हजार रुपये लिए जाने का आरोप भी सामने आया है। इसके अलावा सतेन्द्र सिंह के पुत्र लव कुश का नाम मामले से हटाने अथवा उसे बचाने के नाम पर 55 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली किए जाने की बात जांच में सामने आई।
चौकीदारों से कराया जा रहा था निर्धारित दायित्व से अलग काम
जांच रिपोर्ट में सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चौकीदारों से थाना लेखक का काम और अन्य ऐसे कार्य कराए जाने की बात सामने आई, जो उनके निर्धारित दायित्व और अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
पुलिस ने इसे सरकारी पद एवं दायित्व के कथित दुरुपयोग से जोड़कर देखा है।
गवाहों को प्रभावित करने का भी आरोप
मामले की जांच के दौरान गवाहों को डराने-धमकाने और प्रभावित करने के प्रयास का आरोप भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गवाहों पर प्रभाव डालने के उद्देश्य से कथित तौर पर दलालों और चौकीदारों को भेजे जाने की जानकारी जांच में मिली। पुलिस ने इसे निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास माना है।
जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज
जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जादोपुर थाना में कांड संख्या 185/2026, दिनांक 18 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया। इसके बाद मामले में नामजद प्राथमिकी अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, राजू यादव, थाना चालक राकेश कुमार और चौकीदार महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
थानाध्यक्ष और चौकीदारों को भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में
गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष और दोनों चौकीदारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। साथ ही थानाध्यक्ष और चौकीदारों को निलंबित भी कर दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान जारी है।
स्टेशन डायरी में एंट्री नहीं मिलने का दावा
पुलिस की ओर से जारी जानकारी में तत्कालीन थानाध्यक्ष के विरुद्ध मिले साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें थाना की स्टेशन डायरी में कथित तौर पर कोई एंट्री नहीं होने, लोगों को छोड़ने के लिए पीआर बाउंड का इस्तेमाल किए जाने तथा संबंधित निर्दोष लोगों के बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा मोबाइल जांच के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष और कथित दलाल के बीच लगातार संपर्क होने की पुष्टि होने का भी पुलिस ने दावा किया है।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी विभाग में सरकारी काम के नाम पर भ्रष्टाचार, सरकारी पद और दायित्व के दुरुपयोग या कानून के गलत इस्तेमाल की शिकायत मिलने पर जांच कर विधि के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा है कि आम नागरिकों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखना, रिश्वतखोरी, अवैध वसूली, गवाहों को डराना-धमकाना अथवा निष्पक्ष अनुसंधान को प्रभावित करने की कोशिश किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गोपालगंज पुलिस ने आम लोगों से भी भ्रष्टाचार अथवा इस तरह की किसी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: तेजस्वी के श्रद्धांजलि वाले बयान पर सियासी घमासान, मांझी और रोहिणी आचार्य आमने-सामने!