पटना: बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एक बयान को लेकर नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। राजद कार्यालय में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा के दौरान तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और राजद नेता रोहिणी आचार्य के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
दरअसल, 17 अगस्त को राजद कार्यालय में ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी यादव संबोधन दे रहे थे। भाषण के दौरान उन्होंने गलती से “जीतन राम मांझी जी की श्रद्धांजलि सभा” कह दिया। हालांकि, तुरंत ही अपनी गलती सुधारते हुए उन्होंने दशरथ मांझी का नाम लिया।
मांझी ने साधा निशाना
तेजस्वी यादव के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया मंच X पर वीडियो साझा करते हुए उन पर तंज कसा।
मांझी ने लिखा कि तेजस्वी यादव उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और यह सामान्य स्थिति में कही जाने वाली बात नहीं लगती। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि ऐसी स्थिति रही तो भविष्य में वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
बाद में मीडिया से बातचीत में भी मांझी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसके पीछे कोई विशेष मकसद था, बल्कि यह जुबान फिसलने का मामला हो सकता है।
रोहिणी आचार्य का पलटवार
मांझी के बयान के बाद राजद नेता रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के हालिया बयान का जिक्र करते हुए मांझी पर निशाना साधा।
रोहिणी ने कहा कि जब सार्वजनिक कार्यक्रमों में अन्य नेताओं से भी बोलने में गलती हो सकती है, तो केवल तेजस्वी यादव को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने मांझी के बयान को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उनके आचरण पर भी सवाल उठाए।
श्रेयसी सिंह के बयान का भी जिक्र
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का एक वीडियो भी चर्चा में आया था, जिसमें भाषण के दौरान उनके द्वारा कुछ नामों के उच्चारण में गलती होने की बात सामने आई थी। रोहिणी आचार्य ने उसी घटना का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर कभी-कभी बोलने में त्रुटियां हो सकती हैं।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
तेजस्वी यादव के बयान और उसके बाद नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। समर्थक और विरोधी अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे एक सामान्य भाषाई चूक मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
फिलहाल, एक भाषण के दौरान हुई जुबानी गलती बिहार की राजनीति में बड़े सियासी विवाद का रूप ले चुकी है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: छात्रों के समर्थन में RJD का राजभवन मार्च, तेजस्वी यादव हिरासत में; वाटर कैनन और बैरिकेडिंग के बीच हंगामा!