रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के आतंक ने दो महिलाओं की जान ले ली। रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर स्थित बड़की पौना गांव में हाथियों के झुंड ने दो महिलाओं को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
मृतकों की पहचान भानु देवी (50 वर्ष), पति फुलेश्वर महतो और सबिना खातून (55 वर्ष), पत्नी मो. सलीम के रूप में हुई है। बताया जाता है कि भानु देवी खेत में काम कर रही थीं, तभी हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया। हाथियों को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड पहली बार बड़की पौना गांव के मंदिर के समीप तक पहुंच गया था। झुंड के आक्रामक होने के कारण दो महिलाएं इसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई।
छतों पर चढ़कर बचाई जान
हाथियों के गांव में घुसने की खबर मिलते ही लोग भयभीत हो गए। कई परिवारों ने अपने घरों की छतों पर चढ़कर जान बचाई। ग्रामीणों ने बताया कि वे पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन झुंड काफी देर तक इलाके में बना रहा।
40 हाथियों का झुंड क्षेत्र में सक्रिय
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से करीब 40 हाथियों का बड़ा झुंड रजरप्पा, गोला और मकनपुर क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इनमें से 8 से 10 हाथियों का एक दल भटककर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की ओर से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हाथियों के गांवों में घुसने से लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है।
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