मुंगेर: जिस ट्रक को पुलिस ने अपनी निगरानी में थाना परिसर में सुरक्षित रखा था, वही ट्रक अचानक गायब हो गया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अब जांच पूरी होने के बाद मुंगेर एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना मुंशी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं, तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष के खिलाफ भी निलंबन की अनुशंसा की गई है।
मामला मुफस्सिल थाना परिसर से गिट्टी लदे जब्त ट्रक के गायब होने का है। सबसे हैरान करने वाला सवाल यही है कि जिस वाहन को पुलिस की निगरानी में होना चाहिए था, वह आखिर थाना परिसर से बाहर कैसे चला गया?
11 लाख 18 हजार का चालान, फिर थाना पहुंचा था ट्रक
जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को खनन विभाग ने गिट्टी लदे ट्रक को जब्त किया था। विभाग के मुताबिक वाहन पर 11 लाख 18 हजार रुपये का चालान काटा गया था। इसके बाद जब्त ट्रक को मुफस्सिल थाना के सुपुर्द किया गया। साथ ही वाहन की जब्ती सूची भी पुलिस को दी गई थी।
बाद में जब ट्रक थाना परिसर से गायब मिला तो मामला अधिकारियों तक पहुंचा। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जांच टीम गठित की।
जांच में सामने आई लापरवाही, दो पुलिसकर्मी निलंबित
जांच टीम ने थाना स्तर पर जब्त वाहन की सुरक्षा और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
एसपी के अनुसार, थाना मुंशी सिपाही अरविंद कुमार और ओडी ड्यूटी पर तैनात पीटीसी धनंजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा डीआईजी से की गई है। इसके अलावा खनन निरीक्षक मोहम्मद अरमान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा जिलाधिकारी से की गई है।
जब्ती सूची ने बदल दिया मामले का रुख
इस मामले में शुरुआत में थाना पुलिस की ओर से यह दावा किया गया था कि खनन विभाग के अधिकारी ट्रक को थाना के बाहर छोड़कर चले गए थे और जब्ती सूची भी नहीं सौंपी गई थी।
लेकिन बाद में खनन विभाग ने जब्ती सूची के साथ थाना से प्राप्त रिसीविंग भी एसपी के सामने पेश कर दी। इसके बाद पुलिस की भूमिका और ट्रक की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल और गंभीर हो गए।
अब सबसे बड़ा सवाल—ट्रक गया कहां?
जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूर हो गई है, लेकिन कहानी का सबसे अहम हिस्सा अभी भी रहस्य बना हुआ है।
आखिर थाना परिसर से जब्त ट्रक गायब कैसे हुआ, किसकी निगरानी में था, उसे थाना परिसर से बाहर कौन ले गया?
और अब वह ट्रक कहां है?
इन सवालों के जवाब सामने आना अभी बाकी है। फिलहाल कार्रवाई के बाद मुफस्सिल थाना की कमान राजेश कुमार-2 को सौंप दी गई है।
थाने की चारदीवारी के भीतर सुरक्षित माना जाने वाला जब्त ट्रक ही जब गायब हो जाए, तो सवाल सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर उठता है।
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