पटना: बांकीपुर उपचुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने संगठन के पुनर्गठन को लेकर साफ संकेत दिए हैं कि नई टीम में पढ़े-लिखे, सक्षम, निष्ठावान और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर संगठन में नए चेहरों की संभावित एंट्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मंगनी लाल मंडल के मुताबिक, पार्टी संगठन में ऐसे लोगों को तरजीह दी जाएगी जो पार्टी के सिद्धांतों को समझते हों, सक्षम और मेहनती हों तथा संघर्ष के समय संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहें। उन्होंने कहा कि आंदोलन, धरना और सत्याग्रह में सक्रिय भागीदारी करने वाले कार्यकर्ताओं को भी संगठन में महत्व दिया जाएगा।
जेल जाने में आगे और लाठी खाने को तैयार
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी में प्राथमिकता के मानदंड बताते हुए संघर्षशील कार्यकर्ताओं का विशेष तौर पर जिक्र किया। उनके अनुसार, जो लोग पार्टी के लिए आंदोलन करेंगे, धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे और जरूरत पड़ने पर जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, उन्हें संगठन में तरजीह दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल संघर्ष करना ही पर्याप्त नहीं होगा। पार्टी में जगह पाने वालों में शिक्षा, समझदारी, निष्ठा, क्षमता और मेहनत जैसे गुण भी देखे जाएंगे। यानी आरजेडी के नए संगठन में राजनीतिक सक्रियता के साथ योग्यता और वैचारिक प्रतिबद्धता को भी महत्व देने की तैयारी है।
6 अगस्त को भंग की गईं संगठन की इकाइयां
बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद आरजेडी ने संगठन में व्यापक बदलाव का फैसला किया है। प्रदेश अध्यक्ष की ओर से 6 अगस्त को जारी पत्र के अनुसार प्रदेश से लेकर जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया है।
अब पार्टी नए सिरे से संगठन खड़ा करने की तैयारी में है। इसके तहत पुराने पदाधिकारियों की जगह नए और सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। मंगनी लाल मंडल के बयान को इसी संगठनात्मक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
शिक्षकों के लंबित वेतन पर भी सरकार को घेरा
मंगनी लाल मंडल ने शिक्षकों के लंबित वेतन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की ओर से शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र पार्टी का स्टैंड है। उनका कहना है कि शिक्षकों का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाना चाहिए, क्योंकि यह उनका अधिकार है।
तेजस्वी यादव ने सरकारी विद्यालयों में उर्दू, अरबी और फारसी शिक्षकों के स्थानांतरण तथा अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक-कर्मियों के लंबित वेतन के भुगतान का मुद्दा उठाया है।
हार के बाद संगठन में बदलाव पर नजर
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम के बाद आरजेडी के भीतर संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद शुरू हुई है। पार्टी नेतृत्व अब ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने के संकेत दे रहा है, जो संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर सकें और राजनीतिक संघर्ष में मैदान में उतरने का माद्दा रखते हों।
मंगनी लाल मंडल के बयान के बाद अब यह देखना अहम होगा कि नई संगठनात्मक टीम में किन चेहरों को जगह मिलती है और आरजेडी का यह नया संगठन आगामी बिहार की राजनीति में पार्टी को कितना मजबूत कर पाता है।
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