पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान स्वागत कार्यक्रम में 13 हजार स्कूली बच्चों के नृत्य को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री के स्वागत कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को स्कूल से हटाकर स्वागत कार्यक्रम में शामिल किया गया और इसे प्रधानमंत्री के मनोरंजन से जोड़ दिया।
उन्होंने लिखा कि देश कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में दिखावे और आयोजन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। रोहिणी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, युवाओं के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
स्कूल छोड़कर स्वागत में लगाए गए बच्चे?
रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि 13 हजार बच्चों को स्कूल से हटाकर प्रधानमंत्री के स्वागत में नृत्य करवाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े आयोजन पर कितना खर्च हुआ होगा और इसकी जरूरत क्या थी।
हालांकि, प्रधानमंत्री के समर्थकों की ओर से इस तरह के आयोजनों को सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों की प्रतिभा दिखाने का अवसर बताया जाता रहा है।
एयरपोर्ट उद्घाटन कार्यक्रम बना राजनीतिक मुद्दा
यह विवाद आंध्र प्रदेश में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह के बाद सामने आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी थी।
रोहिणी आचार्य ने इसी कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, तब ऐसे आयोजनों पर ध्यान देना उचित नहीं है।
बिहार की सियासत में फिर तेज हुई बयानबाजी
रोहिणी आचार्य लगातार केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीतिक हमले करती रही हैं। लोकसभा चुनाव के बाद वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देती रही हैं।
इस बार बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर दिए गए उनके बयान ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष इसे खर्च और प्राथमिकताओं का मुद्दा बता रहा है, वहीं भाजपा समर्थक इसे बेवजह का राजनीतिक विवाद बता रहे हैं।
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