नालंदा: पुलिस एक फरार आरोपी को पकड़ने निकली थी, लेकिन हाथ लग गया साइबर ठगी के ऐसे नेटवर्क का सुराग, जिसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। कतरीसराय थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा बैग लगा, जिसमें साइबर अपराध का पूरा जाल छिपा था।
बैग खुला तो अंदर से निकले 399 सिम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 4 पेन ड्राइव और एक एटीएम कार्ड। इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ कि इसके पीछे कोई बड़ा साइबर नेटवर्क काम कर रहा है।
भागते युवक ने खोला ठगी का राज
पुलिस के मुताबिक, अहियाचक-लाल बिगहा मार्ग स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर दबिश दी तो एक युवक पुलिस को देखते ही बैग फेंककर भागने लगा। जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोहराजपुर निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह पहले मोबाइल की दुकान चलाता था और इसी दौरान सिम कार्ड सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ गया।
कोलकाता से बिहार तक फैला था सिम का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कोलकाता से बड़ी संख्या में सिम कार्ड मंगवाकर साइबर ठगों तक पहुंचाता था। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जाता था या नहीं, इसकी जांच अब तकनीकी टीम कर रही है।
बरामद मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की जांच से पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन साइबर गिरोहों के संपर्क में था।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस के अनुसार, सुजीत कुमार पहले से आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था। वर्ष 2024 में चोरी के मोबाइल मामले की जांच के दौरान सीबीआई की कार्रवाई में उसके घर से देसी कट्टा भी बरामद हुआ था।
अब खुलेगा साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क
राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि बरामद सभी सिम कार्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि सिम किसके नाम पर जारी हुए थे और किन राज्यों में इनका इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल पुलिस की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जो सिम कार्ड से साइबर ठगी तक का खेल चला रहा था। जांच आगे बढ़ने पर कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
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