जमुई/लखीसराय: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी और उनके पति गुड्डू यादव के कई ठिकानों पर EOU की टीम ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद जमुई के साथ-साथ पड़ोसी जिले लखीसराय में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ने पर लखीसराय के कुछ चर्चित भूमाफियाओं और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियां भी जांच एजेंसी की नजर में आ सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने दुलारी देवी और गुड्डू यादव के नए आवास समेत कई ठिकानों पर पहुंचकर जांच शुरू की। टीम के अधिकारी परिसरों में मौजूद दस्तावेजों, जमीन से जुड़े कागजात, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खंगालने में जुटे हैं।
EOU की कार्रवाई की खबर फैलते ही जमुई और लखीसराय के राजनीतिक एवं कारोबारी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जमीन कारोबार, संपत्ति से जुड़े लेन-देन और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक EOU की ओर से कार्रवाई के कारणों और जांच के मुख्य बिंदुओं को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, लखीसराय में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जिले में जमीन खरीद-बिक्री और कथित रूप से विवादित जमीन मामलों से जुड़े कई लोगों पर अब जांच एजेंसियों की नजर होने की चर्चा है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से कार्रवाई या नाम की पुष्टि नहीं हुई है।
छापेमारी के दौरान EOU की टीम ने कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल टीम हर पहलू की पड़ताल कर रही है और मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
EOU की इस कार्रवाई के बाद जमुई की राजनीति से लेकर लखीसराय के जमीन कारोबार तक हलचल मची हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और आगे कार्रवाई का दायरा कितना बढ़ता है।
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