पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जहां विपक्ष की गैरमौजूदगी में सत्ता पक्ष के विधायक ही अपनी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करते नजर आए। 20 से 24 जुलाई तक चले सत्र के दौरान कई मुद्दों पर NDA के विधायकों ने तीखे सवाल उठाए, जिससे सरकार को जवाब देना भारी पड़ गया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को तक कहना पड़ा— “सरकार पर विश्वास कीजिए…” और यह अपील विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के नाराज विधायकों से की गई।
सबसे ज्यादा चर्चा ‘भूमिहार ब्राह्मण’ विवाद को लेकर हुई। भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सरकारी दस्तावेजों में ‘भूमिहार ब्राह्मण’ दर्ज करने की मांग उठाई, लेकिन उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए साफ इनकार कर दिया। इससे असंतुष्ट विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया।
इसी दौरान भाजपा विधायक विशाल प्रशांत ने तीखा बयान देते हुए कहा कि अगर ‘भूमिहार ब्राह्मण’ को मान्यता नहीं दी जा सकती, तो समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल करने पर विचार किया जाए।
आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार घिरी दिखी। जदयू विधायक मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि कई भर्तियों में एससी के लिए तय 16% आरक्षण का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने हजारों पद खाली रहने पर भी सवाल उठाए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेराव झेलना पड़ा। अंबेडकर स्कूलों में 62% शिक्षकों के पद खाली होने पर जदयू विधायक श्याम रजक ने सवाल उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक महीने में भर्ती का आश्वासन देना पड़ा।
वहीं, सोलर लाइट योजना, जर्जर स्कूल भवन, ग्रामीण सड़कों में देरी और हाईटेंशन तारों जैसे मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
सबसे तीखा हमला चीनी मिलों को लेकर हुआ। भाजपा विधायक विनय बिहारी ने कहा कि बिहार की जनता को पर्यटन नहीं, रोजगार देने वाली चीनी मिलें चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मोतिहारी समेत कई जगहों पर मिलें बंद हैं, लेकिन किसानों की जमीन बेच दी गई।
इसके अलावा गोपालगंज के सासामुसा चीनी मिल में किसानों के करोड़ों रुपए बकाया होने का मुद्दा भी उठा, जिस पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की गई।
कुल मिलाकर, यह मानसून सत्र सरकार के लिए आसान नहीं रहा। विपक्ष की गैरमौजूदगी के बावजूद अपने ही विधायकों के सवालों ने सरकार को असहज कर दिया और कई अहम मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की स्थिति पैदा कर दी।
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