लखीसराय: पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल अंतर्गत किऊल जंक्शन के माल गोदाम में चल रहे कथित घूसखोरी के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुड्स सुपरवाइजर पी. सुबंधु को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, CBI की टीम ने 10 जुलाई 2026 की देर रात किऊल स्थित रेलवे क्वार्टर में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। आरोप है कि पी. सुबंधु एक ठेकेदार से काम के एवज में रिश्वत ले रहे थे, तभी टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
दानापुर रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले में CBI ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
रेलवे यूनियन से भी जुड़ा है आरोपी
बताया जा रहा है कि पी. सुबंधु भारतीय रेलवे मेंस यूनियन, किऊल इकाई के सचिव पद पर भी कार्यरत हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने रेल कर्मियों के बीच हलचल मचा दी है।
रातों-रात साथ ले गई CBI, यार्ड में छाया सन्नाटा
CBI की टीम आरोपी को उसी रात अपने साथ ले गई। किऊल आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन अधीक्षक ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस कार्रवाई के बाद किऊल रेल यार्ड और रेलवे कर्मचारियों के बीच सन्नाटा पसरा हुआ है।
अब सवाल—क्या और भी हैं शामिल?
इस गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। CBI अब इस एंगल से भी जांच कर रही है।
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