रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर अब जांच की आंच तेज हो गई है। मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आयोग से लेकर परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी तक हड़कंप मचा हुआ है।
जांच एजेंसियों ने जेपीएससी कार्यालय को घेरकर रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया गया है।
पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जांच के घेरे में
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने कई अहम डिजिटल उपकरण और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी और गोपनीय कागजात शामिल बताए जा रहे हैं। अब इनकी जांच के जरिए परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को खंगाला जाएगा।
पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर समेत चार हिरासत में
सीआईडी ने जेपीएससी की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां परीक्षा संचालन में उनकी भूमिका और संवेदनशील जिम्मेदारियों को लेकर जानकारी जुटा रही हैं।
चेयरमैन एल. खियांग्ते के इस्तीफे की चर्चा
इसी बीच जेपीएससी चेयरमैन एल. खियांग्ते के पद से इस्तीफा देने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब खुलेगा परीक्षा विवाद का राज?
जेपीएससी पीटी परीक्षा परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने पहले ही पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। कटऑफ, ओएमआर शीट और चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार विरोध हो रहा था। अब सीआईडी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले में नए खुलासे की संभावना बढ़ गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ियों में किन-किन लोगों की भूमिका रही और परीक्षा प्रक्रिया में कहां चूक हुई।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: 6 से 12 अगस्त तक होगा झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र, हेमंत कैबिनेट के बड़े दांव से गरमाएगी झारखंड विधानसभा!