रांची: सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हेमंत सोरेन की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक ने एक साथ 49 फैसलों पर मुहर लगाकर सियासी पारा चढ़ा दिया है। सबसे बड़ा ऐलान— झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 से 12 अगस्त तक चलेगा, जिसमें सिर्फ 5 कार्यदिवस होंगे, लेकिन एजेंडा भारी रहने वाला है।
कैबिनेट के फैसलों में सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों का बड़ा पैकेज नजर आ रहा है। सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को बोर्ड परीक्षा में 75% उपस्थिति की बाध्यता से छूट देने का रास्ता साफ कर दिया है—एक ऐसा फैसला जो हजारों परिवारों को राहत देगा।
सबसे चौंकाने वाला कदम रहा “हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस” का फैसला। अब दूर-दराज इलाकों के गंभीर मरीजों को आसमान के रास्ते अस्पताल पहुंचाने की तैयारी है। यानी इलाज की रफ्तार अब जमीन नहीं, हवा तय करेगी।
शिक्षा के मोर्चे पर भी बड़ा दांव खेला गया है। AI-पावर्ड वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट के तहत 1000 स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई का नेटवर्क तैयार होगा, जिस पर 176 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में “टेक्नोलॉजी रिवोल्यूशन” के तौर पर देखा जा रहा है।
इसी के साथ नए कॉलेज भवन, छात्रावास योजना में बदलाव, पेंशन नियमों में राहत और नगर विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली है। सरकारी वकीलों और लॉ रिसर्च ऑफिसर्स के नए पद सृजित करने का फैसला भी न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब नजरें अगस्त सत्र पर टिक गई हैं—जहां इन फैसलों पर बहस होगी, टकराव होगा और शायद कई नए सियासी समीकरण भी बनेंगे।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: दिल्ली की सड़कों पर सुलग रहा गुस्सा… देश किस मोड़ पर? जंतर मंतर आंदोलन पर CM सोरेन का बड़ा संकेत!