सहरसा: सहरसा जिले में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। बनमा ईटहरी प्रखंड की सहुरिया पंचायत में परसाहा कोसी नदी का पानी बढ़ने से रामपोखर और भेड़हा गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। अब इन गांवों के लोगों की जिंदगी नाव के सहारे चल रही है।
हालात ऐसे हैं कि बाजार जाना हो, अस्पताल पहुंचना हो या फिर रोजमर्रा के जरूरी काम—हर जगह नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी परेशानी सुरक्षित आवागमन की है।
लेकिन इन मुश्किल हालातों के बीच एक तस्वीर लोगों का दिल जीत रही है। प्राथमिक विद्यालय रामपोखर और नव प्राथमिक विद्यालय भेड़हा के शिक्षक हर दिन नाव से कोसी नदी पार कर बच्चों को पढ़ाने पहुंच रहे हैं।
पानी का बहाव और रास्ते की परेशानी भी उनके हौसले को नहीं रोक पा रही है। प्राथमिक विद्यालय रामपोखर के शिक्षक भूपेंद्र कुमार, चंदा कुमारी, अभिमन्यु कुमार और नरेश कुमार निराला लगातार नाव के जरिए स्कूल पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ग्रामीणों ने शिक्षकों के इस समर्पण की सराहना की है। उनका कहना है कि जब पूरा गांव पानी से घिरा हुआ है, तब भी शिक्षक बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर हैं।
ग्रामीण अरुण यादव, बिलेश यादव, पिंटू कुमार और कालो सादा ने बताया कि कोसी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांव का संपर्क कट गया है। लोगों को हर छोटे-बड़े काम के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय और पैसे की परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। साथ ही हर साल बाढ़ के समय पैदा होने वाली इस समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी सड़क और पुल निर्माण कराया जाए।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हर साल बाढ़ के मौसम में हजारों ग्रामीण इसी तरह परेशानी झेलते रहेंगे।
फिलहाल रामपोखर और भेड़हा गांव के लोग नाव के भरोसे हैं, लेकिन इन मुश्किल हालातों में भी शिक्षकों का हौसला उम्मीद की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।