पटना: बिहार में मानसून अब पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है और इसके साथ ही राहत और आफत—दोनों तस्वीरें एक साथ सामने आ रही हैं। रविवार शाम पटना में अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। वहीं भागलपुर और बगहा में भी झमाझम बारिश हुई, जबकि बेगूसराय, सुपौल और खगड़िया में काले बादल छाए रहे।
लेकिन इसी बीच कोसी नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। खगड़िया जिले के शिशवा गांव में नदी के तेज कटाव के कारण छह घर देखते ही देखते नदी में समा गए। कई अन्य घर अभी भी कटाव के मुहाने पर खड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जिन परिवारों के घर बह गए, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और प्रशासन से तत्काल राहत व पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 6 जुलाई से पूरे बिहार में मानसून और अधिक सक्रिय होगा, जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, हालांकि उमस से पूरी राहत मिलने के आसार फिलहाल कम बताए जा रहे हैं।
अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री के आसपास रहा, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। भभुआ सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस मानसून सीजन में अब तक बिहार में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। अब तक केवल 98.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 207.3 मिमी होना चाहिए था। यानी राज्य में अब भी करीब 52 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
आने वाले दिनों के मौसम की बात करें तो पटना में अगले चार दिनों तक बादलों का असर बना रहेगा और बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 6 से 7 जुलाई के बीच मुजफ्फरपुर, बगहा, मधेपुरा, सहरसा और गोपालगंज समेत उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 8 से 10 जुलाई के बीच पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिसके लिए कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
कुल मिलाकर, बिहार में मानसून जहां एक ओर गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर कोसी जैसे इलाकों में तबाही का कारण भी बन रहा है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और समय पर राहत पहुंचाना है।
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