गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में बैंकिंग सिस्टम को हिला देने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया की इसरी बाजार शाखा में करीब 1.92 करोड़ रुपये की वित्तीय हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है, जिसमें बैंक के पूर्व सीनियर मैनेजर प्रदीप कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को बिना अनुमति “ब्लॉक” कर दिया और फिर उसी सुरक्षा के आधार पर बड़ा खेल खेला।
कैसे हुआ पूरा खेल?
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने सबसे पहले उन ग्राहकों को निशाना बनाया जिनकी बैंक में एफडी जमा थी। करीब 17 एफडी खातों को सिस्टम में ब्लॉक कर दिया गया, ताकि उन्हें सिक्योरिटी के रूप में दिखाया जा सके।
इसके बाद सबसे चौंकाने वाला कदम—
आरोपी ने अपनी मां के नाम पर दो ओवरड्राफ्ट अकाउंट खोले और उन्हीं खातों को ग्राहकों की एफडी से लिंक कर दिया।
फिर बैंक सिस्टम का इस्तेमाल कर 1.92 करोड़ रुपये की लोन लिमिट तैयार की गई और धीरे-धीरे पूरी रकम निकाल ली गई।
पैसा गया कहां?
जांच में यह भी सामने आया है कि निकाली गई रकम को शेयर बाजार में निवेश किया गया, लेकिन वहां भारी नुकसान हो गया। इसी वजह से पूरा फाइनेंशियल गड़बड़झाला सामने आया।
सिस्टम से गायब हुए दस्तावेज
मामले को और संदिग्ध बनाते हुए बैंक रिकॉर्ड से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज—लोन फॉर्म, एफडी रसीदें और अकाउंट पेपर्स—गायब पाए गए, जिससे शक और गहरा गया।
जांच और कार्रवाई
आंतरिक जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक ने आरोपी को सस्पेंड कर दिया है। वहीं निमियाघाट थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन का केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
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